सिर्फ 5 दिन में पित्त की थैली से 21 एमएम तक की पथरी को गला देंगे ये चमत्कारी 10 घरेलू आयुर्वेदिक उपचार।

जो लोग कहते थे कि गालब्लैडर स्टोन या पित्त की थैली की पथरी निकल ही नहीं सकता, उन्होंने इसे चमत्कार कहा। आपको बता दें कि ये अनेक मरीजों पर सफलता से आजमाया गया प्रयोग है।






सामग्री :
आधा चम्मच हल्दी
आधा चम्मच शहद
कैसे उपयोग करें?
फिट और स्वस्थ रहने के लिए रोज शहद में हल्दी मिलाकर खाएं और पित्त पथरी से भी राहत पाएं।
कितनी बार सेवन करें?
स्वस्थ पित्ताशय की थैली के लिए दिन में कम से कम एक बार इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है?
हल्दी का उपयोग न सिर्फ खाना बनाने के लिए, बल्कि आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर भी किया जाता है। इसे एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए भी जाना जाता है। इसके सेवन से पित्ताशय की पथरी का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है, क्योंकि हल्दी पित्त की घुलनशीलता को बढ़ाने में मदद कर सकती है और पित्त की पथरी को होने से रोक सकती है

पित्ताशय रोग के लक्षण- Symptoms of Gallbladder stone in hindi

पित्त की पथरी का लक्षण कभी- कभी 1 या 2 साल दिखाई नही पड़ता है। लेकिन, कुछ समय बाद पेट में अचानक असहनीय दर्द होना शुरु हो जाता है। तब लोग डॉक्टर से जांच कराते है तो पता चलता है की पित्त की पथरी हुई है। इसके अतिरिक्त भी कई ऐसे लक्षण हैं जिनसे पित्त की पथरी को पहचाना जा सकता है: जैसे-

  1.     पेट के  दाहिनी तरफ के ऊपरी भाग में अचानक असहनीय दर्द शुरु हो जाना
  2.     पेट में कई घंटों तक दर्द बने रहना
  3.     पीलिया होना- पित्त की पथरी होने की स्थिति में शरीर की त्वचा या आंखों का पीला होना भी एक महत्त्वपूर्ण लक्षण है। पीलिया और / या मिट्टी के रंग का मल (लैट्रिन) होने पर कोलेडोकीलिथियेसिस (Choledochilithiasis) या यहां तक कि गॉलस्टोन पैन्क्रियेटाइटिस (Gallstone pancreatitis) होने की संभावना हो सकती
  4.     भूख न लगना- पित्त की पथरी होने पर पेट अपने आप भरा- भरा महसूस होने लगता है और भूख कम लगती है या नहीं भी लगती है
  5.     कमजोरी होना
  6.     पेट फूलने की समस्या बनी रहना
  7.     उल्टी या मितली आना
  8.     बदहजमी होना
  9.     खट्टापन महसूस होना 
 पित्त की पथरी के 10 घरेलू उपचार-
 
जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा अधिक हो जाती है और पित्त नमक की कमी हो जाती है तब Pitte ki pathri बहुत पीड़ादायक हो जाती है। ज्यादातर डॉक्टर इलाज के नाम पर केवल आपरेशन की बात करते हैं। लेकिन, पित्त की पथरी का घरेलू उपचार से भी संभव है। यदि आप भी इस समस्या से ग्रस्त है तो फिर आपरेशन का विकल्प चुनने से पहले पित्त की पथरी को घरेलू उपचार (Home Remedies for Gallbladder Stone in Hindi) से इसे दूर करने की कोशिश करें। आइए जानते हैं की पित्त की पथरी का घरेलू उपचार क्या है और यह कैसे होता है:

पित्त की पथरी के लिए नाशपाती है रामबाण उपचार

नाशपाती में भरपूर मात्रा में पेक्टिन (pectin) पाया जाता है। पित्त की पथरी होने पर नाशपाती का रस बहुत फ़ायदेमंद होता है। नाशपाती में मौजूद पेक्टिन हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (cholesterol) को कम करता है और पित्त की थैली में पथरी के खतरे को कम कर सकता है।

नाशपाती के उपयोग की बात करें तो नाशपाती के रस को गर्म पानी में शहद के साथ मिलाए। अच्छी तरह मिलाने के बाद इस जूस को गरमा-गर्म दिन में कम से कम 3 बार पीना चाहिए।

पित्त की पथरी होने पर करना चाहिए पिपरमिंट का उपयोग

पिपरमिंट (Peppermint) का उपयोग अधिकतर लोग सिर्फ पान में समझते हैं लेकिन, यह पित्ताशय की पथरी होने बेहतरीन उपचारों में से एक है। पिपरमिंट में टेरीपेन नामक प्राकृतिक औषधि होती है। पिपरमिंट में मौजूद औषधीय गुणों से पित्त की पथरी नर्म हो जाती है और राहत मिलती है।

पिपरमिंट का उपयोग कैसे करें? इस सवाल का उत्तर है- एक बर्तन में एक गिलास पानी उबलने के लिए आंच पर रखे और उबलते हुए पानी में पिपरमिंट की पत्तियां डाल दें। अब गैस को बंद करके थोड़े देर के जिस बर्तन में पिपरमिंट उबला हो उसे ढक्कन से ढक देना होता है।

5 मिनट बाद चाय की छननी से छान कर एक गिलास में लेकर दिन में कम से कम 2 बार पीना चाहिए। अगर स्वाद में कड़वी लगे तो अपने स्वादानुसार इसमें शहद मिलाया जा सकता  है।

पित्ताशय की पथरी में नींबू का प्रयोग है बेहतरीन दवा

नींबू के रस में विटामिन-सी भरपूर मात्रा में होता है। विटामिन-सी से पित्त की थैली में पथरी की समस्या का समाधान होता है। पित्त की पथरी होने के दौरान हर रोज कम से कम 4 बार नींबू पानी पीना चाहिए।

पित्त की पथरी के लिए सेब का जूस है बहुत कारगर दवा

सेब बहुत ही पौष्टिक फल होता है। अगर किसी को पथरी की समस्या है तो उसे रोजाना कम से कम 4 सेब का सेवन करना चाहिए संभव हो तो सेब का जूस पीना चाहिए। इससे पथरी नर्म होगी और मल (लैट्रिन) के रास्ते आसानी से बाहर निकल जाएगी। पथरी का रोगी चाहें तो चुकंदर के साथ भी सेब के जूस का सेवन कर सकता है।

पित्ताशय की पथरी के इलाज में हल्दी की है अहम भूमिका

अधिकतर लोग हल्दी का उपयोग केवल खाना बनाने के लिए ही जानते हैं लेकिन आपको पता होना चाहिए की हल्दी एंटी-ऑक्सीडेंट (Anti-oxidant) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुणों से परिपूर्ण होती है। हल्दी एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि है।

हल्दी के नियमित सेवन से पित्त की पथरी का खतरा काफी हद तक कम हो सकता है, क्योंकि हल्दी पित्त की घुलन शीलता को बढ़ाने में मदद कर सकती है और पित्त की पथरी को होने के खतरों को रोकती है। हल्दी के उपयोग करने की विधि की बात करें तो रोज कम से कम एक बार शहद में हल्दी मिलाकर खाने से  पित्त की पथरी से भी राहत मिलती है।

पित्ताशय की पथरी का घरेलू उपचार है क्रैनबेरी जूस

क्रैनबेरी जूस (Cranberry juice) में भरपूर मात्रा में पाचन युक्त फाइबर (Fiber) पाया जाता है जो आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) के लेवल (Level) को कम करता है और आपके कोलेस्ट्रॉल की वजह से होने वाली पथरी से राहत दिलाता है| इसके अलावा इसके रस में पाया जाने वाला एंटी-ऑक्सीडेंट (Antioxidant) पित्ताशय और लीवर के लिए स्वास्थ्यप्रद होता है और स्वास्थ्य को निखारने में मदद करता है| पित्ताशय की पथरी का इलाज के लिए आप क्रैनबेरी का सादा जूस नियमित मारता में पीयें| इसके अलावा भी यह जूस आपके स्वास्थ्य को कई तरह के लाभ प्रदान करता है|

नारियल का तेल है पित्ताशय की पथरी के लिए सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा

3 चम्मच नारियल के तेल को हल्का गरम करें और उसमें एक चौथाई भाग सेब का रस, और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर रोगी को इसका सेवन कराएं| इससे आपके लीवर और गालब्लैडर (Gallbladder) में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol), फैट्स (Fats) जैसे कारक के संचय को रोका जा सकता है और धीरे-धीरे आपके पित्ताशय की पथरी घुल जाती है|

पित्ताशय की पथरी के घरेलू इलाज के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीयें 
 
पानी हमारे शरीर से कई तरह के विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालने में मदद करता है| यह पथरी को आसानी से घोल सकता है| कई लोगों को पथरी की समस्या पानी कम पीने की वजह से होती है| इसलिए, एक बेहतर स्वास्थ्य के लिए और पथरी को घोलने के लिए आप दिन में कम से कम 5 से 6 लीटर पानी जरूर पीयें|

पित्त की पथरी के लिए हर्बल चाय का सेवन है एक घरेलू विधि

ग्रीन टी की दो चम्मच पत्तियों को पानी में डालें और उसमें एक नीबू निचोड़ दें और घोल को उबालें| जब चाय तैयार हो जाए तब आप इसे गुनगुना होने के बाद पी सकते हैं| इसके अलावा आप चुस्की लेकर भी इसका सेवन कर सकते हैं| इसमें एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidant) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-inflammatory) गुण होते हैं जिससे पथरी की वजह से दर्द और सूजन कम होता है और धीरे-धीरे पथरी घुल भी जाती है|

ब्लैक कॉफ़ी करेगी पथरी का रामबाण घरेलू इलाज


कई रिसर्च (Research) में यह बात सामने आई है कि ब्लैक कॉफ़ी पीने से किसी भी तरह के पथरी का इलाज किया जा सकता है| कॉफ़ी में भरपूर मात्रा में पाया जाने वाला कैफीन (Caffeine) ब्लैडर (Bladder) के संकुचन को बढ़ाता है जिससे पथरी धीरे-धीरे बाहर निकल जाती है| इसलिए पथरी ठीक करने के लिए आप ब्लैक कॉफ़ी का भरपूर सेवन कर सकते हैं|

पित्ताशय की पथरी के इलाज के लिए भोजन होना चाहिए विटामिन सी युक्त

  1. विटामिन-सी पित्त की पथरी को रोकने के लिए काफी प्रभावशाली उपाय है। विटामिन-सी की कमी से भी पित्त की पथरी की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में सही मात्रा में विटामिन-सी के सेवन से ब्लैडर स्टोन (bladder stone) होने का खतरा अपने-आप ही कम हो जाता है।
  2. विटामिन-सी की कमी दूर करने के लिए दवा ली जा सकती है। दवा के अलावा विटामिन-सी युक्त फल जैसे – अमरूद, कीवी, पपीता व आम का सेवन करके भी विटामिन सी की भरपाई किया जा सकता है।
  3. सब्जियों में बात करें तो हरी सब्जियों का सेवन से भी विटामिन सी का खुराक पूरा हो सकता है। इन सबसे न सिर्फ विटामिन-सी आपके शरीर तक पहुँचेगा, बल्कि कई अन्य पोषक तत्व भी मिलेंगे।


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